सरकार रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) और IRCON International के मर्जर की तैयारी में जुटी है, ताकि रेलवे सेक्टर में एक बड़ी और मजबूत इंफ्रा कंपनी तैयार की जा सके। रेल मंत्रालय ने यह प्रस्ताव रखा है, जिसे आगे वित्त मंत्रालय, डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज और कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स से मंजूरी लेनी होगी। मर्जर का मुख्य उद्देश्य संसाधनों का बेहतर उपयोग, काम में दोहराव खत्म करना और बड़े घरेलू व अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स पर मजबूत दावेदारी बनाना है।
संयुक्त ऑर्डर बुक और साइज
फिलहाल RVNL की ऑर्डर बुक करीब 87,000 करोड़ रुपये के आसपास बताई जा रही है, जिसमें रेलवे के नोमिनेशन प्रोजेक्ट्स और कॉम्पिटिटिव बिडिंग दोनों शामिल हैं। दूसरी ओर IRCON की ऑर्डर बुक 31 दिसंबर 2025 तक लगभग 23,800 करोड़ रुपये रही, जिसमें 75 फीसदी हिस्सा रेलवे और 18 फीसदी हाईवे प्रोजेक्ट्स का है। दोनों कंपनियों के मर्जर के बाद संयुक्त ऑर्डर बुक 1.1–1.2 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंचती है, जबकि रिपोर्ट्स के मुताबिक भविष्य के नए प्रोजेक्ट्स मिलाकर यह क्षमता 1.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा तक जा सकती है। इतने बड़े ऑर्डर बुक के साथ नई इकाई बड़े और कैपिटल इंटेंसिव रेलवे–इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के लिए मजबूत दावेदार बनेगी।
Read More : Waaree Energies Share Price Target 2026, 2028, 2030, 2032, 2034, 2035…
मर्जर से बनने वाली ‘बड़ी रेलवे इंफ्रा कंपनी’
RVNL की ताकत देश के भीतर बड़े प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के तेज execution में दिखती है, जबकि IRCON टर्नकी रेलवे कंस्ट्रक्शन, हाईवे और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में खास पहचान रखती है, खासकर मिडिल ईस्ट और साउथ–ईस्ट एशिया में। मर्जर के बाद दोनों की टेक्निकल विशेषज्ञता, मैनपावर और कैपिटल एक प्लेटफॉर्म पर आ जाएगी, जिससे लागत में कमी, बेहतर बिडिंग स्ट्रेंथ और समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने की क्षमता बढ़ेगी। सरकार का फोकस एक ऐसी कंपनी बनाने पर है जो रेलवे, हाईवे, मेट्रो, पोर्ट कनेक्टिविटी जैसे मल्टी–सेक्टर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को एक ही छत के नीचे संभाल सके।
Read More : RattanIndia Power Share Price Target 2026, 2028, 2030, 2032, 2034, 2035…
प्रक्रिया, चुनौतियां और शेयर बाज़ार की प्रतिक्रिया
यह मर्जर अभी शुरुआती चरण में है और इसे लागू होने में समय लग सकता है, क्योंकि सभी रेगुलेटरी और कैबिनेट स्तर की मंजूरियां जरूरी होंगी। हालांकि खबर सामने आने के बाद 24 मार्च और शुरुआती मार्च 2026 में दोनों कंपनियों के शेयरों में 3 फीसदी के करीब तक तेजी देखी गई, जिससे निवेशकों की सकारात्मक उम्मीदें दिखती हैं। मार्केट यह मानकर चल रहा है कि अगर मर्जर आगे बढ़ता है तो नए एंटिटी की वैल्यू, प्रोजेक्ट साइज और ग्लोबल प्रेजेंस दोनों कंपनियों की अलग–अलग स्थिति से कहीं ज्यादा मजबूत हो सकती है।
Disclaimer : यह वेबसाइट केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसमें दी गई सामग्री को निवेश सलाह न समझें। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते। निवेश करते समय अपनी समझदारी और सतर्कता का प्रयोग करें।






