सरकारी कंपनी इस समय Stock बाजार में फिर से चर्चा में आ गई है। बुधवार के कारोबार में कंपनी का शेयर लगभग 262.78 रुपये के स्तर पर 6.78 प्रतिशत की तेजी के साथ ट्रेड करता दिखा, जबकि ठीक इससे पहले वाले सत्र में शेयर 245.90 रुपये पर बंद हुआ था। तेज उछाल की बड़ी वजह कंपनी को अलग–अलग सेक्टर से मिले ताज़ा करोड़ों के ऑर्डर हैं, जिनसे इसके ऑर्डर बुक में मजबूती आई है।
झारखंड से 29.69 करोड़ का नया सौदा
कंपनी को हाल ही में झारखंड एजुकेशन प्रोजेक्ट काउंसिल से करीब 29.69 करोड़ रुपये का वर्क ऑर्डर मिला है। इस प्रोजेक्ट के तहत RailTel को इंग्लिश लैंग्वेज ट्रेनिंग और लैब सेटअप से जुड़ा काम करना है, जिसे अप्रैल 2029 तक पूरा किया जाना तय है। लंबे समय तक चलने वाला यह प्रोजेक्ट कंपनी की रेवेन्यू विज़िबिलिटी और ऑर्डर बुक दोनों को मजबूत करता है, क्योंकि पेमेंट और काम कई सालों में फैला रहेगा।
Read More : ₹245 करोड़ ऑर्डर का असर! Ashish Kacholia वाला स्टॉक 6400% रिटर्न के बाद फिर चर्चा में
पिछले हफ्ते मिले बड़े प्रोजेक्ट
इससे पहले भी पिछले हफ्ते RailTel को कई अहम ऑर्डर मिले थे, जिनसे स्टॉक पर फिर से नजरें टिक गई हैं। कंपनी को मुंबई पोर्ट अथॉरिटी के अस्पतालों के लिए HMIS सिस्टम से जुड़ा लगभग 13.03 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है, वहीं सेंटर फॉर ई-गवर्नेंस से लगभग 444.44 करोड़ रुपये का बड़ा प्रोजेक्ट और हिमाचल प्रदेश के 596 सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम बनाने के लिए करीब 14.29 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। अलग–अलग राज्यों और सेगमेंट से मिल रहे ये प्रोजेक्ट दिखाते हैं कि सरकारी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों में RailTel की भूमिका मजबूत होती जा रही है।
Read More : Penny Stock, बड़ा धमाका! करोड़ों के ऑर्डर के बाद ₹50 से कम का शेयर फोकस में
शेयर प्राइस में उतार–चढ़ाव की तस्वीर
शॉर्ट टर्म में तेज उछाल के बावजूद शेयर ने हाल के महीनों में दबाव भी देखा है। पिछले तीन महीनों में RailTel का शेयर करीब 29.27 प्रतिशत टूट चुका है, जबकि एक साल की अवधि में इसमें लगभग 13.14 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई है और हाल ही में इसने 52–वीक लो 244.95 रुपये को छुआ था, जबकि 52–वीक हाई स्तर 478.80 रुपये रहा है। बीते एक हफ्ते में हालांकि स्टॉक में केवल करीब 0.3 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई है, जिससे साफ है कि ताजा उछाल नई खबरों और ऑर्डर फ्लो से जुड़ा हुआ है।
FII और म्यूचुअल फंड्स की बढ़ती हिस्सेदारी
ताजे शेयरहोल्डिंग डेटा के मुताबिक दिसंबर 2025 तिमाही में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII/FPI की हिस्सेदारी 3.54 प्रतिशत से बढ़कर 3.68 प्रतिशत हो गई है। इसी तरह म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी भी 0.26 प्रतिशत से बढ़कर 0.30 प्रतिशत हो गई है, जो यह संकेत देती है कि संस्थागत निवेशक इस सरकारी कंपनी में धीरे–धीरे अपनी उपस्थिति बढ़ा रहे हैं। बढ़ते ऑर्डर, लंबी अवधि के प्रोजेक्ट और डिजिटल–इंफ्रा थीम में पोजिशनिंग की वजह से यह स्टॉक फिलहाल बाजार में फोकस में बना हुआ है।
Disclaimer : यह वेबसाइट केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसमें दी गई सामग्री को निवेश सलाह न समझें। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते। निवेश करते समय अपनी समझदारी और सतर्कता का प्रयोग करें।






